यूपी में सीएम योगी का सख्त आदेश; नहीं होनी चाहिए अवैध व जहरीली शराब की बिक्री

यूपी में सीएम योगी का सख्त आदेश; नहीं होनी चाहिए अवैध व जहरीली शराब की बिक्री

undefined

UP CM Yogi issues strict orders

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आबकारी विभाग के अधिकारियों से कहा है कि होली पर्व के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। अवैध और जहरीली शराब का उत्पादन और बिक्री राज्य में नहीं होनी चाहिए। प्रशासन इसके लिए पूरी तरह सकर्त रहें। अवैध व जहरीली शराब न बननी चाहिए और न ही बिकनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के कर व करेत्तर राजस्व की समीक्षा की

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक अप्रैल से लेकर अब तक (फरवरी तक) के कर व करेत्तर राजस्व प्राप्ति की समीक्षा की। जीएसटी, वैट, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीकरण, परिवहन, ऊर्जा, भू-राजस्व तथा खनन विभाग की राजस्व उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि राजस्व वृद्धि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को निर्धारित करती है। विभागों को पारदर्शिता, दक्षता और नवाचार आधारित कार्यप्रणाली के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।

होली पर्व के दौरान अधिकारी बरतें सतर्कता 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ता राजस्व प्रदेश में बुनियादी ढांचा, सामाजिक कल्याण, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति देता है। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से लैंड रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन कार्य के प्रगति की जानकारी लेने के बाद उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। परिवहन निगम के बसों की फिटनेस, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की ठोस कार्ययोजना बनाते हुए नए रूट का चयन करने को कहा।

लैंड रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन व रजिस्ट्री कार्यालयों के आधुनिकीकरण को तेज करें

सीएम ने निजी बस संचालकों के सहयोग से बेहतर परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कर व करेत्तर राजस्व का वार्षिक लक्ष्य 2,95,000 करोड़ रुपये निर्धारित है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 1,96,177 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो गई है। राज्य कर जीएसटी व वैट का लक्ष्य 1,75,725 करोड़ रुपये है, जिसके मुकाबले अब तक 1,03,770 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है।

जीएसटी के तहत 75,195 करोड़ रुपये तथा वैट के तहत 28,575 करोड़ रुपये मिले हैं। आबकारी विभाग का वार्षिक लक्ष्य 63,000 करोड़ रुपये है, जिसके सापेक्ष फरवरी 2026 तक 48,501 करोड़ रुपये राजस्व मिल चुके हैं।

फरवरी तक उत्तर प्रदेश में हुआ ₹.1.96 लाख करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रह

राजस्व प्राप्ति पिछले वर्ष के मुकाबले 13.2 प्रतिशत अधिक है। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में वार्षिक लक्ष्य 38,150 करोड़ के सापेक्ष फरवरी तक 29,487 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग का वार्षिक लक्ष्य 14,000 करोड़ रुपये है, जिसके सापेक्ष फरवरी तक 11,005 करोड़ का राजस्व मिल चुका है।

भू-राजस्व एवं ऊर्जा विभाग ने संयुक्त रूप से फरवरी तक 3,414 करोड़ की मिलने की जानकारी दी, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है। खनन एवं भू-तत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के लिए वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 6,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले फरवरी तक 3,597 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ है।